प्रिया की चूत में लंड घुसा था… तभी वह खुद पेशाब करने लगी

13 files — 1 month ago — 39 views
जेठ ने प्रिया को दीवार से सटाया हुआ था। साड़ी कमर तक उठी हुई थी, एक टांग उनके कंधे पर टिकी थी। लंड अंदर तक घुसा हुआ था। धक्के धीमे नहीं थे।
प्रिया की सांस उलझ रही थी। अचानक उसने जेठ का हाथ पकड़ा। “रुक… पेशाब आ रही है।” जेठ रुका नहीं। उल्टा और अंदर तक दबा दिया।
प्रिया की चूत से पहले गर्म पानी की पतली धार निकली। फिर जोर से फूट पड़ी। पेशाब लंड के चारों तरफ से बहकर उनकी जांघों पर गिरने लगा। फर्श गीला हो गया। प्रिया की आवाज दब गई, शरीर कांप रहा था, लेकिन लंड अंदर ही था।
जेठ ने कमर और कसकर पकड़ी। पेशाब बहते हुए भी धक्के जारी रहे। हर बार अंदर जाने पर और पेशाब निकलता। प्रिया की आंखें बंद थीं, नाखून उनकी पीठ पर गड़ गए थे।
थोड़ी देर बाद धार थमी। चूत अभी भी फिसलन भरी थी। जेठ ने उसे बिस्तर पर लिटाया, टांगें फैलाईं और फिर से पूरा अंदर डाल दिया। अब सिर्फ गीली आवाज आ रही थी।
प्रिया ने दोनों हाथ ऊपर कर लिए। इस बार झड़ते समय उसकी चूत ने लंड को और कस लिया। जेठ ने भी उसी समय अंदर छोड़ दिया।
कमरे में सिर्फ पंखे की आवाज थी। फर्श पर पेशाब के निशान सूख रहे थे।

There's nothing to show here.