दोपहर के दो बज रहे थे। पति बाहर गए हुए थे। नेहा मलिक किचन में खड़ी थी। ससुर पीछे से आए और कमर पकड़ ली। नेहा ने सिर घुमाया, कुछ नहीं कहा। साड़ी का पल्लू खुद ही हटा दिया।
ब्लाउज के बटन एक-एक करके खुले। ब्रा उतार दी गई। दोनों स्तन बाहर आ गए। ससुर ने मुंह लगाया और चूसने लगे। नेहा की सांस तेज हो गई। उसने पेटीकोट नीचे गिराया और पैंटी खींचकर फेंक दी। चूत पहले से गीली थी।